SIMPLE INTEREST

ब्याज: जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति अथवा बैंक से रुपया उधार लेता है तो उसे दूसरे व्यक्ति या बैंक का धन प्रयोग करने के लिए जो किराया देना पड़ता है उसे ब्याज कहते हैं। उधार लिए गए धन को मूलधन और मूलधन तथा ब्याज के योग को मिश्रधन कहते हैं। प्रति सैकड़ा पर निर्धारित अवधि में मिलने वाले ब्याज को ब्याज की दर कहते हैं।

साधारण ब्याज (Simple Interest )

यदि संपूर्ण ऋण अवधि में मूलधन एक ही रहे, तो उस राशि पर लगने वाला ब्याज साधारण ब्याज होता है।

प्रश्नों को हल करने की संक्षिप्त विधियाँ

साधारण ब्याजमिश्रधन = मूलधन + ब्याज

= मूलधन +

= मूलधन

मूलधन

समय

दर

उदाहरण 1. Rs 1000 की राशि का 3 प्रतिशत वार्षिक की दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज तथा मिश्रधन क्या होगा?

हल: साधारण ब्याज

= Rs 60

मिश्रधन = मूलधन + ब्याज = 1000 + 60 = Rs 1,060


उदाहरण 3. कितने समय में Rs 500, 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से Rs 620 हो जायेगा?

हल: ब्याज = 620 – 500 = 120

∴ समय

= 6 वर्ष


उदाहरण 4. कितने प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से एक राशि 8 वर्षों में दुगुनी हो जायेगी?

हल: माना, मूलधन = Rs P तथा, साधारण ब्याज = Rs P

और समय = 8 वर्ष

∴  दर

प्रतिशत प्रतिवर्ष

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