KRIYA (क्रिया) Related Important Notes And Study Material In Hindi Grammar

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 क्रिया (kriya)

Having to work with any of the terms (perception) occurs, then the verb (kriya) says. Such as – food, drink, sing, stay, etc

जिन शब्दो से किसी कार्य का होना या करना का(बोध) होता हो, तो उसे क्रिया कहते हैं । जैसे – खाना, पीना, गाना , रहना, जाना आदि

धातु

क्रिया का मूल रूप धातु कहलाता है। जैसे-लिख, पढ़, जा, खा, गा, रो, पा आदि। इन्हीं धातुओं से लिखता, पढ़ता, आदि क्रियाएँ बनाई जाती है

क्रिया के दो प्रकार के भेद होते हैं- There are two different types of action

(1) सकर्मक क्रिया।

(2) अकर्मक क्रिया।

(1) सकर्मक क्रिया :

जो क्रिया सदेव कर्म के साथ आती हो, तो उसे सकर्मक क्रिया कहा जाता हैं !

उदाहरण – युवराज रोटी खाता है ! ( खाना क्रिया के साथ कर्म रोटी है

(2) अकर्मक क्रिया :

अकर्मक क्रिया के साथ कभी भी कर्म का (बोध) नहीं होता तथा उसका प्रभाव कर्ता पर पड़ता है !

उदाहरण – योगेश गाता है (कर्म का अभाव है तथा गाता है क्रिया का प्रभाव योगेश पर पड़ता है)

रचना के आधार पर क्रिया के पाँच प्रकार के भेद होते है Depending on the composition of the five types of action are differences

1- सामान्य क्रिया :

इसमे वाक्य में केवल एक क्रिया का प्रयोग ! उदाहरण – तुम कूदो , राजू पढ़ा आदि !

2- संयुक्त क्रिया :

इसमे दो या दो से अधिक क्रियाओ (धातुओं) के मेल से बनी क्रियाएँ संयुक्त क्रियाएँ कहलाती है !

उदाहरण – बिमला स्कूल चली गई आदि !

3- नामधातु क्रियाएँ 

इसमे क्रिया को छोड़कर दुसरे शब्दों ( संज्ञा,सर्वनाम,एवं विशेषण ) से जो (क्रिया) धातु बनती है, तो उसे नामधातु क्रिया कहते है

उदाहरण – अपना-अपनाना ,गरम -गरमाना, आदि !

4- प्रेरणार्थक क्रिया

कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे को करने की प्रेरणा देता है

उदाहरण – पिलवाया , पिलवाती खिलाया,खिलाती,आदि !

5- पूर्वकालिक क्रिया

जब कोई कर्ता एक क्रिया समाप्त करके दूसरी क्रिया करता है तो तब पहली क्रिया ‘ पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है

उदाहरण – वे सुनकर चले गये , मैं खाना खा कर जाउँगा,आदि !

 

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